Friday, February 3, 2023

झाड़ू लगाने वाले के बेटे ने देश को दिलाया स्वर्ण पदक, जेरेमी ने वेटलिफ्टिंग में पाई सुनहरी कामयाबी

वैभव शुक्ला, नई दिल्ली Jeremy Lalrinnunga : कॉमनवेल्थ गेम 2022 में भारतीय वेटलिफटरों ने बेहतरीन किया है। 30 जुलाई को भारत के खाते में 4 मेडल आए। जिनमें से मीराबाई चानू ने पहला स्वर्ण पदक जीता था। तीसरे दिन 31 जुलाई को भारत के लिए वेटलिफ्टिंग में जेरेमी लालरिनुंगा ने दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया।

जेरेमी ने मेंस 67 KG कैटेगरी में यह पदक जीता। जेरेमी का वेटलिफ्टिंग में कुल स्कोर 300 रहा। इसी के साथ जेरेमी ने कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। जेरेमी के गोल्ड मेडल को मिलाकर भारत के पास अब कुल 5 पदक हो गए है। जिनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल शामिल है। इसी के साथ मेडल तालिका में भारत ने छठे स्थान पर जगह बना ली है।

19 वर्षीय जेरेमी मिजोरम की राजधानी आइजोल से आते हैं। उन्होंने NIS पटियाला से वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग ली है। जेरेमी मुकाबले के दौरान चोटिल हुए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने कठिन परिश्रम और ज़िद के दम पर ​​​​​​सुनहरी कामयाबी हासिल की।

बचपन से फुर्तीले हैं जेरेमी

Jeremy Lalrinnunga
Jeremy Lalrinnunga With His Coach In 2012

जेरेमी के कोच यू जोइता ने बताया कि “9 साल की उम्र में उन्होंने जेरेमी लालरिनुंगा को पहली दफा देखा था। जोइता उनसे खासे प्रभावित हुए। उनको लगा कि इस लड़के में कुछ खास है और यह आने वाले वक्त में कुछ बहुत बड़ा कर सकता है। इसके बाद जेरेमी को लेकर कोच पुणे आ गए। शुरुआती दौर में जेरेमी ने कोच के साथ उनके घर पर रहकर ही ट्रेनिंग की। जेरेमी बचपन से ही काफी फुर्तीले थे। इसके अलावा उनका शरीर भी काफी लचीला था।”

परिवार के लिए पिता ने उठाई झाड़ू

कोच यू जोइता ने आगे बताया कि “छोटी-छोटी बातों में भी जेरेमी तेजी दिखाते थे। वह किसी भी मामले में जोश की बजाय होश से काम लेते थे। जेरेमी शारीरिक कसरत ही नहीं बल्कि मानसिक कसरत करने में भी माहिर थे। जेरेमी बचपन में बांस की गठरी से अभ्यास करते थे। वो 5 भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं। चारों भाइयों ने हमेशा जेरेमी को खेल में पूरा समर्थन दिया। जेरेमी के पिता लालरिनुंगा स्टेट और नेशनल लेवल पर बॉक्सिंग में मेडल जीत चुके हैं। हालात बेहतर न होने के कारण उन्हें PWD के सड़क निर्माण में झाडू मारने की नौकरी करने पड़ी।”

स्नैच राउंड में उठाया 140 किलो भार

Jeremy Lalrinnunga

आज हुए वेटलिफ्टिंग मुकाबले में उन्होंने 67 किग्रा भारवर्ग में भाग लिया। स्नैच राउंड के मुकाबले में जेरेमी ने कुल 140 किलो भार उठाया। पहले प्रयास में उन्होंने 136 किलो वजन उठाया। दूसरे प्रयास में जेरेमी ने 140 किलो भार उठाया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 143 किलो उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहे। इस तरह स्नैच राउंड में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 140 किलो रहा।

क्लीन एंड जर्क में 166 भार उठाया

क्लीन एंड जर्क में जेरेमी लालरिनुंगा ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले प्रयास में 154 किग्रा भार उठाया। जेरेमी अपने पहले प्रयास में चोटिल हो गए। दूसरे प्रयास में वह 160 का भार उठाने में कामयाब रहे। दूसरे प्रयास में भी वह चोटिल हुए। जेरेमी तीसरे प्रयास में 165 का भार उठाना चाहते थे लेकिन इसमें वह सफल नहीं हो पाए। तीसरे प्रयास में वह चोटिल हुए। कुल मिलाकर क्लीन एंड जर्क राउंड में जेरेमी ने 166 किलो भार उठाया। इस तरह उन्होंने कुल 300 का भार उठाया और गोल्ड अपने नाम किया।

2018 यूथ ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट

जेरेमी लालरिनुंगा आइजोल, मिजोरम के रहने वाले हैं। उन्होंने ब्यूनस आयर्स में 2018 ग्रीष्मकालीन युवा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और लड़कों के 62 किग्रा वर्ग भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस तरह वह युवा ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय बने।

जेरेमी ने 2016 में विश्व युवा चैंपियनशिप में 56 किग्रा भार वर्ग में रजत पदक जीता।

उन्होंने 2017 में राष्ट्रमंडल गोल्ड कोस्ट जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया।

उन्होंने 2018 जूनियर एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।

राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप 2021 में पुरुषों के 67 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।

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