Tuesday, May 30, 2023

FIFA U-17 Women’s World Cup: अपने ही गोल की वजह से हारी कोलंबिया ,स्पेन ने जीता फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप

FIFA U-17 Women’s World Cup: फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के फाइनल में स्पेन ने कोलंबिया को हराकर खिताब अपने नाम किया। स्पेन की टीम ने फाइनल मैच 1-0 के अंतर से अपने नाम किया। इस मैच की खास बात यह रही कि मैच का एकमात्र गोल कोलंबिया की खिलाड़ी ने किया, लेकिन मैच स्पेन की टीम जीत गई। कोलंबिया की एना गुजमैन ने फाइनल में मैच में एक आत्मघाती गोल कर दिया और यही दोनों टीमों के बीच हार-जीत का अंतर साबित हुआ।

 

स्पेन ने दूसरी बार फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप का खिताब किया अपने नाम

स्पेन की टीम ने दूसरी बार फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप जीता है। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में रोमांच अपने चरम पर था।

 

दोनों टीमों ने गोल के भरपूर प्रयास किए, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। हालांकि, कोलंबिया की खिलाड़ी ने मैच के 82वें मिनट में बड़ी गलती कर अपने ही गोल पोस्ट में गेंद डाल दी। इसी वजह से स्पेन की टीम चैंपियन बन गई।

 

किस्मत के सहारे अपने खिताब का बचाव करने में रही सफल

साल 2018 में भी स्पेन की टीम चैंपियन बनी थी और इस बार किस्मत के सहारे अपने खिताब का बचाव करने में सफल रही। स्पेन इस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम बन चुकी है,

 

जिसने दो बार यह खिताब जीता है। स्पेन के अलावा उत्तर कोरिया की टीम दो बार यह टूर्नामेंट जीत चुकी है।

 

नाइजीरिया और जर्मनी को करना पड़ा था सेमीफाइनल में हार का सामना

नाइजीरिया, कोलंबिया, स्पेन और जर्मनी की टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी। कोलंबिया और नाइजीरिया के मैच में पूरा समय खत्म होने के बाद कोई गोल नहीं हुआ था। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया ने नाइजीरिया को 6-5 से हराया। स्पेन ने दूसरे सेमीफाइनल मैच जर्मनी को 1-0 से हराकर जीत दर्ज की। तीसरे स्थान के मैच में पूरा समय खत्म होने के नाइजीरिया और जर्मनी का स्कोर 3-3 की बराबरी पर था। इसके बाद पेनल्टी के माध्यम से 3-2 से मैच जीत लिया।

 

पहली बार भारत कर रहा था इस टूर्नामेंट की मेजबानी

इस टूर्नामेंट की मेजबानी पहली बार भारत के पास थी। 11 अक्तूबर से 30 अक्तूबर के बीच आयोजित हुए इस टूर्नामेंट को 2020 में होना था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसका आयोजन चार साल बाद हुआ है।

दुनिया भर से आई 16 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया था। टूर्नामेंट के सभी मैच कलिंग स्टेडियम (भुवनेश्वर, ओडिशा), पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (मार्गो, गोवा) और डीवाई पाटिल स्टेडियम (नवी मुंबई, महाराष्ट्र) में हुए।

 

पूरे टूर्नामेंट में कुल 32 मैच खेले गए। भारत ने मेजबान के रूप में पहली बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया। भारतीय टीम ग्रुप ए में यूएसए, मोरक्को और ब्राजील से हारने के बाद ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई थी।

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